मुख्य कार्यकलाप                          (दिनांक 20-06-2017 तक अद्यावधिक)


1- रेगुलेटरी कार्यकलाप- इसके अन्तर्गत विभिन्न नियम/अधिनियम लागू करना यथा- सहकारी समितियों का     निबन्धन, आडिट, पंजीयन, निरीक्षण, इंजीनियरिंग कार्य आदि।

2- विकास सम्बन्धी कार्य- प्रदेश में दुग्धशाला विकास के साथ-साथ दुग्ध उपार्जन में वृद्धि करना।

3-व्यवसायिक कार्यक्रम- दुग्ध उपर्जन एवं विपणन का क्रियान्वयन दुग्ध सहकारिताओं के माध्यम से कराना।